- लक्षण अक्सर पहले 3 दिनों में सबसे तेज़ होते हैं। आप सबसे मुश्किल दौर में हैं, और यह छोटा है।
- सबसे मुश्किल दौर निकल गया। 2–4 हफ़्तों में लक्षण काफ़ी कम हो जाते हैं।
- ज़्यादातर लक्षण पीछे छूट चुके हैं। भूख या कभी-कभार तलब कुछ समय रह सकती है, और यह सामान्य है।
सिरदर्द
- कितने दिन रहता है?
- आमतौर पर 1–2 हफ़्ते
- ऐसा क्यों होता है?
- निकोटिन आपकी खून की नसों को सिकोड़ देता था। शरीर के ढलने के साथ खून का बहाव फिर संतुलित हो जाता है।
- किससे राहत मिलती है?
- दिन भर खूब पानी पिएँ।
- खाना न छोड़ें; ब्लड शुगर स्थिर रखें।
- थोड़ी देर टहलने या ताज़ी हवा से आराम मिलता है।
- डॉक्टर को कब दिखाएँ
- अगर दर्द बहुत तेज़ हो या 2 हफ़्ते से ज़्यादा रहे।
चिड़चिड़ापन, बेचैनी
- कितने दिन रहता है?
- पहले हफ़्ते में सबसे ज़्यादा, 2–4 हफ़्तों में कम हो जाता है
- ऐसा क्यों होता है?
- आपका दिमाग़ निकोटिन के बिना काम करने की आदत डाल रहा है। यह कुछ समय का बदलाव है।
- किससे राहत मिलती है?
- चाय-कॉफ़ी कम करें: सिगरेट से कैफ़ीन जल्दी निकल जाती थी, इसलिए अब उतना ही कप ज़्यादा असर करता है।
- SOS स्क्रीन पर साँस वाली एक्सरसाइज़ आज़माएँ।
- आसपास के लोगों को बताएँ कि आप सिगरेट छोड़ रहे हैं।
- डॉक्टर को कब दिखाएँ
- अगर बेचैनी से रोज़मर्रा के काम मुश्किल होने लगें।
नींद की परेशानी
- कितने दिन रहता है?
- आमतौर पर 1–2 हफ़्ते
- ऐसा क्यों होता है?
- आपकी नींद निकोटिन के हिसाब से ढली हुई थी। कुछ समय तक ज़्यादा सपने आना और रात में नींद टूटना आम है।
- किससे राहत मिलती है?
- दोपहर के बाद कैफ़ीन न लें।
- सोने से पहले का आख़िरी घंटा बिना स्क्रीन के बिताएँ।
- दिन में चलते-फिरते रहें ताकि शाम तक थकान हो।
- डॉक्टर को कब दिखाएँ
- अगर 3–4 हफ़्ते बाद भी नींद ठीक न हो।
ज़्यादा भूख
- कितने दिन रहता है?
- कुछ हफ़्ते, कभी-कभी कुछ महीने
- ऐसा क्यों होता है?
- निकोटिन आपकी भूख दबाता था और अब आपका स्वाद लौट रहा है। हाथ और मुँह को भी पुरानी आदत की कमी खलती है।
- किससे राहत मिलती है?
- गाजर या खीरे जैसे कुरकुरे स्नैक्स पास रखें।
- शुगर-फ़्री च्युइंग गम चबाएँ।
- समय पर खाना खाएँ और पानी पिएँ।
- डॉक्टर को कब दिखाएँ
- अगर वज़न बढ़ने की चिंता है, तो डाइटीशियन मदद कर सकते हैं। सिगरेट छोड़ने से सेहत को जो फ़ायदे मिलते हैं, उनके आगे कुछ किलो कुछ भी नहीं।
ध्यान लगाने में दिक़्क़त
- कितने दिन रहता है?
- आमतौर पर 1–2 हफ़्ते
- ऐसा क्यों होता है?
- आपका दिमाग़ निकोटिन से मिलने वाली उत्तेजना के बिना काम करना फिर से सीख रहा है।
- किससे राहत मिलती है?
- काम को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँटें।
- छोटे ब्रेक लें और टहलें।
- शुरुआती दिनों में भारी काम न रखने की कोशिश करें।
- डॉक्टर को कब दिखाएँ
- अगर एक महीने बाद भी साफ़ दिक़्क़त बनी रहे।
खाँसी
- कितने दिन रहता है?
- कुछ हफ़्ते बढ़ सकती है, फिर कम हो जाती है
- ऐसा क्यों होता है?
- यह अच्छा संकेत है: फेफड़ों के छोटे-छोटे बाल फिर से काम करने लगे हैं और जमा बलगम बाहर निकाल रहे हैं।
- किससे राहत मिलती है?
- खूब पानी पिएँ।
- गर्म पेय और भाप से आराम मिलता है।
- हल्की कसरत से सफ़ाई जल्दी होती है।
- डॉक्टर को कब दिखाएँ
- अगर खाँसी में खून आए, बुखार हो या साँस फूले, या खाँसी 4 हफ़्ते से ज़्यादा रहे।
मन उदास रहना
- कितने दिन रहता है?
- आमतौर पर 2–4 हफ़्ते
- ऐसा क्यों होता है?
- सिगरेट बनावटी तरीके से खुशी और राहत का एहसास देती थी। आपका दिमाग़ फिर से खुद यह करना सीख रहा है।
- किससे राहत मिलती है?
- दिन की रोशनी में टहलने जाएँ।
- किसी दोस्त से बात करें; इसे अकेले न झेलें।
- छोटी-छोटी जीत का जश्न मनाएँ: अपने बैज देखें।
- डॉक्टर को कब दिखाएँ
- अगर उदासी 2 हफ़्ते से ज़्यादा रहे या पहले कभी डिप्रेशन रहा हो, तो किसी विशेषज्ञ से बात करें। अगर खुद को नुकसान पहुँचाने के ख़याल आएँ, तो अभी अपने इलाके के इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें।
चक्कर आना
- कितने दिन रहता है?
- आमतौर पर शुरुआती कुछ दिन
- ऐसा क्यों होता है?
- आपके खून में ऑक्सीजन बढ़ गई है और शरीर उसके हिसाब से ढल रहा है।
- किससे राहत मिलती है?
- धीरे-धीरे बैठें या लेटें।
- धीमी और गहरी साँस लें।
- अचानक हिलने-डुलने से बचें।
- डॉक्टर को कब दिखाएँ
- अगर कुछ दिनों से ज़्यादा रहे या बेहोशी जैसा लगे।
कब्ज़
- कितने दिन रहता है?
- शुरुआती कुछ हफ़्ते
- ऐसा क्यों होता है?
- निकोटिन आपकी आँतों को उत्तेजित करता था। आपका पाचन नई दिनचर्या के हिसाब से ढल रहा है।
- किससे राहत मिलती है?
- फ़ाइबर खाएँ: सब्ज़ियाँ, फल, साबुत अनाज।
- खूब पानी पिएँ।
- रोज़ थोड़ा टहलें।
- डॉक्टर को कब दिखाएँ
- अगर पेट में तेज़ दर्द हो या 2 हफ़्ते से ज़्यादा रहे।
स्रोत: NHS, CDC और अमेरिका का नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट। यह सामान्य जानकारी है, डॉक्टरी सलाह नहीं।